महराजगंज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास कार्य अब पूरी गति, निरंतरता और मजबूती के साथ आगे बढ़ रहे हैं और इन्हें किसी भी हाल में रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में अयोध्या राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम जैसे ऐतिहासिक निर्माण कार्य संभव हो सके हैं।
सीएम योगी शुक्रवार को नौतनवा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने 208 करोड़ रुपये की लागत से 79 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और टूलकिट भी वितरित किए गए।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े थे और गरीबों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों में माफिया का दबदबा था और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जे आम थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज यूपी विकास के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है और कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में माफिया पर सख्ती, अवैध कब्जों पर रोक और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों और मंदिरों के पुनर्विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पहले विकास का पैसा कई बार गलत कार्यों में खर्च होता था, जबकि अब योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि सही निर्णय और सही नेतृत्व से ही विकास, सुरक्षा और सुशासन संभव है।
सीएम योगी ने पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट का भी जिक्र किया और कहा कि इसका असर ईंधन और एलपीजी आपूर्ति पर पड़ रहा है। इसके बावजूद भारत सरकार कीमतों को नियंत्रित रखने का प्रयास कर रही है। उन्होंने नागरिकों से ऊर्जा बचत और जिम्मेदार उपयोग की अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर जीवन स्तर सुधारने के लिए काम कर रही है। वनटांगिया समुदाय को भूमि अधिकार देने से लेकर गरीबों को आवास, शौचालय, राशन और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सीमावर्ती क्षेत्र के विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध बेहद मजबूत हैं और इस क्षेत्र का विकास सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।