भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में पश्चिम एशिया में जारी तनाव, उसके वैश्विक प्रभाव और भारत-ईरान के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय हालात और बढ़ते तनाव के असर को लेकर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने आपसी हितों से जुड़े विषयों पर भी अपने दृष्टिकोण साझा किए।

ब्रिक्स सम्मेलन में ईरान की भागीदारी का स्वागत करते हुए जयशंकर ने कहा कि 2026 में भारत की अध्यक्षता में होने वाले ब्रिक्स में सदस्य देशों के बीच संवाद और सहयोग और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

इससे पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात की थी। उस दौरान क्षेत्रीय स्थिरता, सहयोग और बहुपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई थी।

ब्रिक्स बैठक में बोलते हुए ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका की नीतियों पर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई देश दबाव की राजनीति का सामना कर रहे हैं और अब समय है कि ब्रिक्स देश मिलकर इसका संतुलित जवाब दें।

नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक को वैश्विक कूटनीति और पश्चिम एशिया के बदलते हालात के बीच बेहद अहम माना जा रहा है।