तेहरान/वॉशिंगटन। ईरानी मीडिया में सामने आई एक रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ कथित ‘जवाबी कार्रवाई’ से जुड़े एक प्रस्ताव पर चर्चा की तैयारी चल रही है। इसमें ट्रंप की हत्या करने वाले व्यक्ति या समूह को भारी इनाम देने की बात कही गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने बताया कि सैन्य और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा एक विशेष योजना का मसौदा तैयार किया गया है। इस कथित योजना में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अधिकारियों को निशाना बनाने की बात कही गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव में लगभग 50 मिलियन यूरो (करीब 558 करोड़ रुपये) के इनाम का जिक्र किया गया है। हालांकि इस संबंध में ईरानी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ईरानी मीडिया और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स में यह भी दावा किया गया कि कथित अभियान के लिए आर्थिक संसाधन जुटाए जा चुके हैं। वहीं, ‘हंडाला’ नाम के एक हैकिंग समूह ने भी बयान जारी कर दावा किया कि उसने ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ कार्रवाई के लिए आर्थिक सहयोग दिया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इब्राहिम अजीजी ने कथित तौर पर सरकारी मीडिया से बातचीत में कहा कि मार्च में संघर्ष शुरू होने के बाद कई विधेयकों पर काम किया गया है, जिनमें जवाबी कार्रवाई से जुड़ा मसौदा भी शामिल है। उन्होंने इसे “ईरान का अधिकार” बताते हुए कहा कि देश अपने नेताओं और हितों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने को तैयार है।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि मार्च महीने के दौरान ईरान में बड़ी संख्या में मोबाइल यूजर्स को ऐसे संदेश भेजे गए थे, जिनमें ट्रंप के खिलाफ इनाम से जुड़े अभियान का जिक्र था। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर इसके स्क्रीनशॉट भी वायरल हुए थे।
हालांकि, इन दावों की सत्यता को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय पुष्टि सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इस तरह की खबरें क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति में और तनाव बढ़ा सकती हैं।