तुर्की ने बताया है कि नाटो की हवाई रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई दूसरी बैलिस्टिक मिसाइल को अपने हवाई क्षेत्र में रोक लिया। मिसाइल के टकराने से पहले ही इसे नष्ट कर दिया गया, जिससे किसी भी नुकसान या हताहत की खबर नहीं है।

तुर्की की प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय

तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह अपने हवाई क्षेत्र पर किसी भी खतरे के खिलाफ कार्रवाई करेगा। मिसाइल के लक्ष्य को लेकर स्पष्टता नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि यह अमेरिकी वायु सेना के इंसिरलिक एयरबेस को निशाना बनाकर दागी गई थी।

इस बीच, तुर्की ने उत्तरी साइप्रस में छह एफ-16 लड़ाकू विमान और हवाई रक्षा प्रणालियां तैनात कर दी हैं, ताकि तुर्की समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

नाटो के अनुच्छेद 4 और 5 पर स्थिति

नाटो का अनुच्छेद 5 कहता है कि यूरोप या उत्तरी अमेरिका में किसी एक सदस्य देश पर हमला सभी सहयोगी देशों पर हमला माना जाएगा, जिससे सामूहिक कार्रवाई की संभावना बनती है। तुर्की ने अभी तक अनुच्छेद 5 का हवाला नहीं दिया, बल्कि अनुच्छेद 4 के तहत परामर्श की संभावना जताई है, जिससे नाटो की एकता और सामूहिक निर्णय क्षमता पर परीक्षा होगी।

नाटो महासचिव मार्क रुट ने शुरुआती हमलों के बाद सामूहिक रक्षा की संभावना को खारिज किया था, लेकिन बढ़े हुए जोखिम के मद्देनजर अब हालात और संवेदनशील हो गए हैं। अनुच्छेद 4 के तहत तुर्की अपने सहयोगियों के साथ औपचारिक रूप से इस मुद्दे को उठा सकता है, लेकिन यह स्वचालित कार्रवाई नहीं है।

फ्रांस और यूरोप की प्रतिक्रिया

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की कि यूरोपीय संघ के नौसैनिक मिशन एस्पाइड्स के तहत दो फ्रिगेट युद्धपोत लाल सागर भेजे जाएंगे। उनका कहना था कि यह एक विशुद्ध रूप से रक्षात्मक और सुरक्षा मिशन होगा, जिसमें यूरोपीय और गैर-यूरोपीय देशों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने स्पष्ट किया कि उनकी सेना ईरान और तुर्की के बीच संघर्ष में किसी भी सैन्य अभियान का हिस्सा नहीं बनेगी।