पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने जोर देकर कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा के लिए अमेरिका को इस क्षेत्र से बाहर जाना होगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि अमेरिका की मौजूदगी के बिना ही इस इलाके को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

ऊर्जा ठिकानों पर हमले बढ़े

हालिया घटनाओं में अमेरिका, इस्राइल और ईरान द्वारा एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने के कारण वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैरा पोर्ट पर ड्रोन से हमला हुआ, जिससे आग लगी। हालांकि, यूएई की सुरक्षा प्रणाली ने ड्रोन को रोक दिया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दिखाता है कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव को तुरंत कम करना जरूरी है।

ईरान की कड़ी चेतावनी

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने चेताया है कि अगर अमेरिका और इस्राइल ईरान के बैंकिंग ढांचे पर हमले जारी रखेंगे, तो खाड़ी में अमेरिकी बैंक शाखाओं पर हमले तेज हो सकते हैं। ईरानी अधिकारी नायनी ने कहा कि पड़ोसी देशों में अमेरिकी बैंकों पर हुए हालिया हमले ईरान की संपत्तियों पर हमलों का प्रतिशोध हैं। इन हमलों के कारण कुछ समय के लिए बैंकिंग कामकाज बाधित भी हुआ।

समुद्री मार्गों पर खतरा

पिछले दो हफ्तों में फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में कम से कम 17 जहाजों पर हमले हुए। इनमें एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है, जिसे ओमान में भारतीय दूतावास ने पुष्टि की।

संघर्ष की शुरुआत

यह तनाव 28 फरवरी से शुरू हुआ, जब अमेरिका और इस्राइल के हवाई हमलों में ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। इसके बाद ईरान की सेना हर दिन अमेरिकी और इस्राइली ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रही है।