बेरूत/लेबनान। इस्राइल रक्षा बल (IDF) ने बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्ला के बुनियादी ढांचे और हथियार भंडारण स्थलों पर हवाई हमले करने का दावा किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आईडीएफ द्वारा साझा किए गए बयान में सामने आई।
हवाई हमलों का विवरण
आईडीएफ ने बताया कि इस कार्रवाई में ‘अल-कर्द अल-हसन’ संगठन की संपत्तियों और हिज्बुल्ला के कई आर्थिक और हथियार भंडारण स्थलों को निशाना बनाया गया। आईडीएफ का कहना है कि यह संगठन नागरिकों के पैसे का इस्तेमाल करके हिज्बुल्ला को वित्तीय मदद और समर्थन प्रदान करता है।
बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में लगभग दस हथियार गोदामों पर हमले किए गए। इनमें से कुछ गोदाम लितानी और जहरानी नदियों के बीच स्थित थे, जहां से इस सप्ताह की शुरुआत में इस्राइल की ओर रॉकेट दागे गए थे। आईडीएफ का कहना है कि इन हमलों के बाद हिज्बुल्ला की गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं और संगठन का ढांचा कमजोर हुआ है।
🎯STRUCK: Hezbollah’s infrastructure across southern Lebanon:
📍Beirut: Assets of the “Al-Quard Al-Hassan”” Association and other significant financial assets of Hezbollah were struck. The recent strikes against the association have effectively and completely disrupted its… pic.twitter.com/g6BRa5LHjD
— Israel Defense Forces (@IDF) March 13, 2026
अबू द’रार मोहम्मद की मौत
🎯STRUCK: Hezbollah’s infrastructure across southern Lebanon:
📍Beirut: Assets of the “Al-Quard Al-Hassan”” Association and other significant financial assets of Hezbollah were struck. The recent strikes against the association have effectively and completely disrupted its… pic.twitter.com/g6BRa5LHjD
इससे पहले मंगलवार को इस्राइली वायु सेना (IAF) ने हिज्बुल्ला की मिसाइल इकाई के कमांडर अबू द’रार मोहम्मद को मार गिराने का दावा किया था। अबू द’रार बेरूत में हिज्बुल्ला की मिसाइल इकाई में काम करता था और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के निर्देशों के तहत संगठन की रणनीतिक रॉकेट क्षमता मजबूत करने में सक्रिय था।
आईएएफ के अनुसार, मोहम्मद हिज्बुल्ला के ऑपरेशन ‘नॉर्दर्न एरोज’ और ‘रोअर ऑफ द लायन’ के दौरान इस्राइल की ओर मिसाइल हमलों का निर्देशन करता था। वह संगठन की रॉकेट इकाई की प्रक्रियाओं का नेतृत्व करता था और हिज्बुल्ला की रॉकेट क्षमता को पुनः सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा रहा था।