नेपाल के विभिन्न छात्र संगठनों ने मंगलवार को काठमांडू में भारतीय दूतावास के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने ओडिशा के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) में एक नेपाली छात्रा की मौत के मामले में जांच की मांग की। इस मामले को लेकर नेपाल के छात्रों ने भी भुवनेश्वर स्थित कॉलेज के परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। 

नेकपा-माओवादी केंद्र, नेपाल कांग्रेस और नेकपा-एकीकृत समाजवादी पार्टी से जुड़े छात्र संगठनों ने काठमांडू के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया और भारत में रह रहे नेपाली छात्रों की सुरक्षा की मांग की। अखिल नेपाल राष्ट्रीय मुक्त छात्र संघ-क्रांतिकारी (एएनएनएफएसयू-रिवॉल्यूशनरी) ने काठमांडू के मैतीघर मंडला में प्रदर्शन किया और सरकार से कूटनीतिक चैलनों का उपयोग करने की मांग की। 

नेकपा-माओवादी केंद्र पार्टी की छात्र शाखा के उपाध्यक्ष देउमा जेसी ने कहा, हम आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं, जिसे गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रकृति लम्साल की मौत की जांच निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से होनी चाहिए और जो भी इसमें शामिल हैं, उन्हें कानूनी तरीके से सजा मिलनी चाहिए। इसके अलावा, मृतका के परिवार को मुआवजा भी मिलना चाहिए। 

प्रदर्शनकारियों के हाथों में प्लेकार्ड थे, जिन पर 'सुरक्षित परिसर, अपराध क्षेत्र नहीं', 'महिलाओं की सुरक्षा करो, अपराधियों की नहीं' जैसे नारे लिखे हुए थे। इससे पहले नेपाल छात्र संघ ने काठमांडू घाटी के विभिन्न कॉलेजों में प्रदर्शन किया और अंतिम वर्ष की छात्रा के लिए न्याय की मांग की। छात्रा 16 फरवरी को केआईआईटी के छात्रावास में मृत पाई गई थी। प्रकृति लम्साल बीटेक की तृतीय वर्ष की छात्रा थी। वह अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाई गई थी। नेपाल के छात्रों का आरोप है कि उसे एक साथी छात्र ने परेशान किया और कॉलेज ने शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने 17 फरवरी को आरोपी छात्र आद्विक श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया और उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया। 

भारत में नेपाल के राजदूत शंकर पी. शर्मा ने केआईआईटी के संस्थापक अच्युत समंता से फोन पर बात की और केआईआईटी की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी ली। केआईआईटी ने सार्वजनिक रूप से खेद जताया और कुछ कर्मचारियों को नौकरी से भी निकाल दिया।

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस मामले को लेकर कहा कि उनकी सरकार कूटनीतिक चैनलों के जरिए भारत से इस मुद्दे पर बात कर रही है। केआईआईटी ने कहा कि सुरक्षा कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है और कॉलेज के छात्रों को जल्द से जल्द परिसर में वापस लौटने की अपील की है।