शनिवार को उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से समुद्र की दिशा में एक मिसाइल का परीक्षण किया, जिसे दक्षिण कोरिया और जापान दोनों ने दर्ज किया। जापान ने इस प्रक्षेपण को संभावित बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में देखा है। इस घटना के बाद, क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की चिंता फिर से जग गई है।

पड़ोसी देशों ने किया सतर्क
दक्षिण कोरियाई सेना ने बताया कि मिसाइल समुद्र की ओर दागी गई, लेकिन उसने इस प्रक्षेपास्त्र के तकनीकी विवरण तुरंत साझा नहीं किए। जापानी तटरक्षक बल के अनुसार, यह मिसाइल समुद्र में गिरी प्रतीत होती है। जापानी प्रसारक एनएचके के अनुसार, मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर गिरी।

संयुक्त सैन्य अभ्यास से जुड़ा संदर्भ
यह प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया 9 मार्च से बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। दोनों देशों का कहना है कि ये अभ्यास पूरी तरह रक्षात्मक हैं और उत्तर कोरिया से उत्पन्न संभावित खतरों के खिलाफ तैयारी के लिए हैं। वहीं, प्योंगयांग इसे हमेशा आक्रामक उकसावे के रूप में देखता आया है और संयुक्त अभ्यासों पर विरोध जताता रहा है।

पूर्व में भी दिखा विरोध का रुख
इतिहास में उत्तर कोरिया ने अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई संयुक्त अभ्यासों पर लगातार तीखा विरोध किया है। इस प्रक्षेपास्त्र परीक्षण को भी इसी नाराजगी के संदर्भ में देखा जा रहा है। यह संकेत देता है कि प्योंगयांग क्षेत्रीय सुरक्षा मामलों में अपनी सशस्त्र चेतावनी जारी रखना चाहता है।

संवाद के प्रयास भी जारी
वहीं, तनाव के बीच संवाद के प्रयास भी जारी हैं। 12 मार्च को दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री ने वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस बैठक में उत्तर कोरिया के साथ 2019 से ठप पड़े वार्ता चैनलों को पुनः सक्रिय करने के उपायों पर चर्चा हुई। दोनों पक्ष क्षेत्रीय तनाव कम करने और बातचीत को आगे बढ़ाने के इच्छुक हैं।