कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए भीषण हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है। दूतावास ने बताया कि वह मृतक के परिजनों के लगातार संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही, हमले में घायल हुए अन्य लोगों को भी मदद पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है।

इस हमले के बाद एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई उड़ानों को एहतियातन दूसरे हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया गया।

हमले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप

कुवैत सेना के अनुसार, हमला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 (T1) पैसेंजर बिल्डिंग को निशाना बनाकर किया गया था। सेना ने आरोप लगाया है कि ड्रोन के जरिए इस हमले को अंजाम दिया गया, जिसके पीछे ईरान की भूमिका बताई जा रही है। कुवैत के सैन्य प्रवक्ता ने इसे गंभीर और आपराधिक आक्रामक कार्रवाई करार दिया है।

हमले से एयरपोर्ट की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है और कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ईरान का पक्ष

वहीं ईरान की ओर से अलग दावा सामने आया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने इस कार्रवाई को जवाबी कदम बताया है। ईरान का कहना है कि यह हमला उन घटनाओं के जवाब में किया गया, जिनमें उसके तेल टैंकर और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था।

स्थिति तनावपूर्ण

कुवैत सेना ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और देश की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है।