मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं और तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है।
अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी पलटवार शुरू कर दिया है, जिससे कई खाड़ी देशों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बहरीन में मिसाइल हमले की आशंका को देखते हुए सायरन बजाए गए हैं, जबकि कुवैत ने अपनी हवाई रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया है। कुवैती सेना के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को इंटरसेप्ट करने में जुटे हैं।
कुवैत ने बंद किया एयरस्पेस
लगातार बढ़ते तनाव के बीच कुवैत ने एहतियात के तौर पर अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। कुवैत सिविल एविएशन अथॉरिटी ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है। इस कदम के बाद क्षेत्रीय हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है।
बहरीन में सुरक्षा अलर्ट, सायरन बजाए गए
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं। इसके बाद बहरीन में सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए सायरन बजाए गए हैं। स्थानीय गृह मंत्रालय ने भी अलर्ट सिस्टम सक्रिय होने की पुष्टि की है।
अमेरिका का दावा: सैन्य ढांचे को बनाया गया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी करते हुए कहा है कि ईरान की “लगातार आक्रामकता” के जवाब में उसके सैन्य ठिकानों, संचार प्रणालियों और हवाई रक्षा नेटवर्क को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई आधी रात के आसपास शुरू होकर करीब चार घंटे तक चली।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव
इस बीच, ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। ईरानी सैन्य कमान ने कहा है कि इस मार्ग से गुजरने वाले किसी भी वाणिज्यिक या तेल टैंकर को निशाना बनाया जा सकता है।
ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि दो जहाजों पर पहले ही फायरिंग की गई है। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में समुद्री व्यापार और तेल परिवहन को लेकर गंभीर चिंता बढ़ गई है।