पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा आंतरिक तनाव अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी में असंतोष की स्थिति लगातार बढ़ती दिख रही है, जिसके चलते संगठनात्मक मतभेद अब सार्वजनिक मंचों तक पहुंच चुके हैं। इसी बीच लोकसभा सांसद काकोली घोष के हालिया बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है।

सांसद के बयान से बढ़ी हलचल

काकोली घोष ने पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को लेकर गंभीर संकेत दिए हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतुष्ट सांसदों का एक समूह सक्रिय है।

जब उनसे यह पूछा गया कि क्या लगभग 20 सांसद इस कथित बगावती गुट का हिस्सा हैं, तो उन्होंने इस संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में कई सांसद इस समूह से जुड़े हुए हैं और यह संख्या आगे भी बढ़ सकती है। उनके अनुसार, कई वरिष्ठ नेता लगातार संपर्क में हैं, जिससे पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ गई है।

बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज

काकोली घोष के इस बयान के बाद टीएमसी के भीतर हलचल तेज हो गई है और शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बढ़ता दिख रहा है। उनके बयान को पार्टी के अंदरूनी मतभेदों की पुष्टि के तौर पर भी देखा जा रहा है।

आरजी कर मामले पर भी उठे सवाल

इसी दौरान आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पार्टी नेता कल्याण बनर्जी द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए काकोली घोष भावुक नजर आईं।

उन्होंने कहा कि जिस समय इस घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, उस दौरान उनका पूरा परिवार भी सड़क पर उतरकर लोगों के साथ खड़ा था। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदर्शन के दौरान उनके परिवार के सदस्य, विशेष रूप से उनके बच्चों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया था और इसी दौरान उनके बेटे को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

काकोली घोष ने दावा किया कि उन्होंने इस पूरे मामले और परिस्थितियों को लेकर सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बातचीत की है।