भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बावजूद उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और ऊर्जा विभाग की सतत निगरानी के चलते यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।
मई माह के आंकड़ों के अनुसार प्रदेशभर से कुल 18,55,713 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 18,41,683 शिकायतों का समय पर समाधान किया गया। इस तरह शिकायत निस्तारण की दर 99.24 प्रतिशत रही, जो विभाग की कार्यकुशलता और जवाबदेही को दर्शाती है।
सभी डिस्कॉम में बेहतर प्रदर्शन
प्रदेश के विभिन्न विद्युत वितरण निगमों में प्राप्त शिकायतों और उनके समाधान की स्थिति भी लगभग संतोषजनक रही। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) में 4,04,173 शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) में 3,59,501 शिकायतें प्राप्त हुईं। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) में 6,33,102, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PuVVNL) में 3,38,104 तथा केस्को (KESCo) में 1,20,833 शिकायतें दर्ज की गईं।
अधिकांश शिकायतों का समाधान समयबद्ध तरीके से कर दिया गया, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली।
बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतें सबसे अधिक
प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक मामले बिजली आपूर्ति से संबंधित रहे। इसके अलावा बिलिंग, बिल संशोधन, स्मार्ट मीटर, मीटर खराबी, सेवा संबंधी समस्याएं और कर्मचारियों से जुड़ी शिकायतें भी शामिल रहीं। विभागीय टीमों ने इन सभी मामलों पर तेजी से कार्रवाई करते हुए समाधान सुनिश्चित किया।
विशेष रूप से मध्यांचल क्षेत्र में 4.80 लाख से अधिक बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतें दर्ज हुईं, जिन पर लगातार निगरानी रखते हुए अधिकांश मामलों का निस्तारण किया गया।
कई डिस्कॉम में 100% निस्तारण का दावा
पश्चिमांचल, दक्षिणांचल और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगमों में दर्ज सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत समाधान किए जाने का दावा किया गया है। वहीं केस्को क्षेत्र में भी लगभग 94,944 शिकायतों का प्रभावी निस्तारण किया गया।
डिजिटल सिस्टम से तेज हुआ शिकायत समाधान
यूपीपीसीएल ने शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार किया है। उपभोक्ता अब 1912 हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करने के साथ उसकी स्थिति भी आसानी से ट्रैक कर सकते हैं।
ऊर्जा विभाग के अनुसार 1912 पर दर्ज शिकायतों को तब तक पूर्ण नहीं माना जाता, जब तक उपभोक्ता स्वयं संतुष्ट न हो जाए। विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल लगातार अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देते रहते हैं।