पेरिस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में हुई इस छोटी सी बातचीत और अभिवादन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद इंटरनेट पर चर्चित ‘मेलोडी’ ट्रेंड फिर से सुर्खियों में आ गया है।
समिट के दौरान जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई वैश्विक नेता समूह फोटो के लिए एकत्र हो रहे थे, उसी दौरान पीएम मोदी और मेलोनी ने एक-दूसरे का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच हुई यह अनौपचारिक बातचीत कैमरे में कैद हो गई, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
सोशल मीडिया पर फिर छाया ‘मेलोडी’ ट्रेंड
वीडियो सामने आने के बाद दोनों नेताओं के बीच की हल्की-फुल्की बातचीत को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि ऑडियो स्पष्ट नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता और ‘मेलोडी’ ट्रेंड का जिक्र किया। इस पर दोनों ने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी, जिससे यह पल और भी चर्चा में आ गया।
पहले भी मिल चुका है ‘पारले मेलोडी’ गिफ्ट
यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेताओं की केमिस्ट्री सुर्खियों में आई हो। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इटली यात्रा के दौरान जॉर्जिया मेलोनी को ‘पारले मेलोडी’ टॉफी का एक पैकेट भेंट किया था। यह गिफ्ट सोशल मीडिया पर चल रहे ‘मेलोडी’ मीम्स से प्रेरित बताया गया था, जिसे मेलोनी ने भी काफी पसंद किया था।
उन्होंने उस समय वीडियो साझा करते हुए पीएम मोदी का धन्यवाद किया था और टॉफी को दिखाते हुए मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी थी।
कैसे बना ‘मेलोडी’ ट्रेंड
‘मेलोडी’ नाम की शुरुआत सोशल मीडिया पर हल्के-फुल्के अंदाज में हुई थी, जब ‘मेलोनी’ और ‘मोदी’ नामों को मिलाकर यह शब्द बनाया गया। 2023 की एक बैठक के बाद यह मजाक के रूप में शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे एक लोकप्रिय इंटरनेट ट्रेंड बन गया।
इसके बाद 2024 और 2025 में भी मेलोनी ने कई मौकों पर ‘#Melodi’ का इस्तेमाल कर दोनों नेताओं की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिससे यह ट्रेंड और मजबूत हो गया।
द्विपक्षीय संबंधों में भी बढ़ती मजबूती
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिर्फ सोशल मीडिया की चर्चा नहीं है, बल्कि भारत और इटली के बीच मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों का भी प्रतीक है। दोनों देशों के बीच व्यापार 16 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुका है और वे ‘इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ (IMEC) जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर मिलकर काम कर रहे हैं।
हाल ही में हुई मुलाकातों और उच्चस्तरीय बैठकों से यह साफ है कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।