लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुभासपा अध्यक्ष और पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के हालिया बयान पर कड़ा पलटवार किया है। सपा सांसदों के कथित टूट को लेकर किए गए दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तंज भरे अंदाज में कहा कि ऐसे बयान केवल चर्चा बनाने की कोशिश हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि “लालच और दबाव की राजनीति लंबे समय तक नहीं चल सकती।” उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी पहले भी इसी तरह की रणनीति अपनाकर सपा के विधायकों और एमएलसी को तोड़ने की कोशिश कर चुकी है। उनके अनुसार, जो लोग डर या लालच में आते हैं, वही ऐसी राजनीति का हिस्सा बनते हैं, जबकि समाजवादी पार्टी अपने संगठन को लेकर पूरी तरह मजबूत है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश में कई भाजपा विधायक भी समय आने पर पाला बदलने की स्थिति में हैं, लेकिन सभी लोग अपनी रणनीति सही समय पर सामने लाते हैं। अखिलेश ने कहा कि पार्टी ने पहले भी कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और हर बार और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ी है।

भाजपा पर हमला करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि उनके लिए “धर्म का अर्थ धन बन गया है।” उन्होंने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मुद्दे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यदि सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक हो जाए तो कई सच्चाइयाँ सामने आ सकती हैं।

इसके साथ ही उन्होंने गोरखपुर में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जल्द ही वहां पार्टी कार्यकर्ताओं का बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

समय से पहले चुनाव की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि यह स्थिति सरकार की नीतियों और विशेष रूप से खाद आपूर्ति व्यवस्था पर निर्भर करेगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर के पूर्ण होने पर वे राम मंदिर के दर्शन के लिए जाएंगे।