गौतमबुद्धनगर जोन में तैनात राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त (IAS) Sandeep Bhagia के खिलाफ विभागीय असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। डिप्टी कमिश्नर वेद प्रकाश सिंह की पत्नी द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायत पत्र के बाद अब नोएडा जोन के 60 से अधिक अधिकारियों ने भी प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव राज्य कर और राज्य कर आयुक्त को संयुक्त रूप से पत्र भेजकर अपर आयुक्त के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अधिकारियों का आरोप है कि अपर आयुक्त का रवैया “अत्यंत अपमानजनक, असंवेदनशील और मनोबल गिराने वाला” है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि समीक्षा बैठकों के दौरान अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाना और व्यक्तिगत टिप्पणियां करना आम बात हो गई है, जिससे पूरे जोन का कार्य वातावरण प्रभावित हो रहा है।
12 जून की बैठक को लेकर गंभीर आरोप
शिकायत में विशेष रूप से 12 जून को हुई समीक्षा बैठक का उल्लेख किया गया है, जिसमें डिप्टी कमिश्नर वेद प्रकाश सिंह को कथित तौर पर सभी अधिकारियों के सामने अपमानित किया गया। आरोप है कि पुलिस भर्ती परीक्षा ड्यूटी के कारण कार्य प्रभावित होने की बात रखने पर अपर आयुक्त ने अत्यधिक आक्रामक प्रतिक्रिया दी।
पत्र के अनुसार, इस घटना के बाद संबंधित अधिकारी की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें चिकित्सकीय सहायता लेनी पड़ी। शिकायतकर्ताओं ने इसे केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि पूरे अधिकारी वर्ग के सम्मान से जुड़ा विषय बताया है।
तनावपूर्ण माहौल का आरोप
अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि अपर आयुक्त के कार्यभार संभालने के बाद से जोन में भय और दबाव का माहौल बना हुआ है। उनका कहना है कि संवाद के बजाय दबाव और सार्वजनिक फटकार की शैली अपनाई जा रही है, जिससे कार्यकुशलता प्रभावित हो रही है और कई अधिकारी मानसिक तनाव में काम कर रहे हैं।
अधिकारी संगठनों ने भी जताई नाराजगी
इस मामले को लेकर राज्य कर विभाग के तीनों अधिकारी संगठनों ने संयुक्त बैठक कर प्रस्ताव पारित किया है। संगठनों ने राज्य कर आयुक्त को भेजे गए पत्र में कहा है कि गौतमबुद्धनगर जोन में गहरा असंतोष है और मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।
संयुक्त मंच ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी अधिकारी के साथ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे पूरे विभाग का मनोबल प्रभावित होता है।
जांच की मांग तेज
60 से अधिक अधिकारियों के हस्ताक्षर वाले पत्र में शासन से मांग की गई है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोष तय किए जाएं और अधिकारियों के लिए सुरक्षित व सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
वहीं, इस पूरे मामले में अपर आयुक्त Sandeep Bhagia से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।