पाकिस्तान सेना के चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की जर्मनी यात्रा विवादों में घिर गई है। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के दौरान एक सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें अपने पहचान पत्र दिखाने को कहा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
सुरक्षा जाँच में रुके मुनीर
वीडियो में साफ दिख रहा है कि मुनीर और उनकी टीम सम्मेलन स्थल के प्रवेश द्वार के पास सुरक्षा जांच के दौरान थोड़ी देर के लिए रुक गए। सुरक्षा अधिकारी ने उनसे पहचान पत्र की मांग की, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।
राजनीतिक संगठन ने जताई आपत्ति
जर्मनी में सक्रिय सिंधी राजनीतिक संगठन, जय सिंध मुत्ताहिदा महाज (JSMM), ने फील्ड मार्शल मुनीर की सम्मेलन में भागीदारी पर आपत्ति जताई है। संगठन ने इसे ‘अत्यंत चिंताजनक’ बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की।
कार्यक्रम स्थल के बाहर जेएसएमएम के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और पाकिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन को उजागर किया। संगठन के अध्यक्ष शफी बुरफत ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, जर्मन सरकार और अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों को संबोधित बयान में उच्च स्तरीय मंच पर मुनीर की उपस्थिति पर गहरा अफसोस व्यक्त किया।
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन का महत्व
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय संवाद और संघर्ष समाधान का एक प्रमुख मंच माना जाता है। यह हर साल विश्व के नेताओं, राजनयिकों और सुरक्षा विशेषज्ञों को इकट्ठा करता है, ताकि वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा सके।