अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फिलिस्तिनियों को गाजा से हटाने के प्रस्ताव की चर्चा हो रही है. बांग्लादेश में फिलिस्तीन के राजदूत युसूफ रमजान ने ट्रंप के प्रस्ताव को मजाक बताया है. रमदान का कहना है कि ट्रंप भड़के हुए सांड की तरह फैसला कर रहे हैं, जो नीतिगत रूप से सही नहीं है.

बांग्लादेशी अखबार ढ़ाका ट्रिब्यून के अपने लेख में रमजान ने लिखा है- ट्रंप जिस तरीके का रवैया अपना रहे हैं, उससे वहां शांति की बजाय और ही ज्यादा लोग भड़केंगे. ट्रंप यह नहीं जान पा रहे हैं कि गाजा के लोग क्या चाहते हैं?

नेतन्याहू सत्ता बचाने में जुटे हैं

रमजान के मुताबिक गाजा में निर्दोष लोगों पर अत्याचार कर नेतन्याहू अपनी सत्ता बचाने में जुटे हैं. नेतन्याहू को पता है कि उसकी सत्ता तभी तक रहेगी, जब तक गाजा में संघर्ष रहेगा. अमेरिका उसका सहयोगी है, इसलिए शायद ही गाजा के लोग डोनाल्ड ट्रंप पर भरोसा करें.

बांग्लादेश में तैनात फिलिस्तीन के राजदूत रमजान के मुताबिक कुछ लोगों को आप एक वक्त के लिए शिफ्ट कर सकते हैं, लेकिन गाजा को खाली कराने का मंशा ठीक नहीं है. लोग अपनी मातृभूमि के लिए जान पर दांव लगाने को तैयार हैं.

रमजान लिखते हैं- डोनाल्ड ट्रंप भड़के हुए सांड की तरह व्यवहार कर रहे हैं. अमेरिकी विदेश नीति को बिजनेस नीति बनाने पर तुले हैं. सौदा नहीं होने पर सीधे प्रतिबंध की धमकी दे रहे हैं. यह ठीक नहीं है.

1960 में जन्मे युसूफ रमजान फिलिस्तीन की तरफ से चीन, कोरिया और बांग्लादेश जैसे देशों के महत्वपूर्ण तैनाती पर रह चुके हैं.

डोनाल्ड ट्रंप का क्या है प्रस्ताव?

जॉर्डन के राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं गाजा में शांति चाहता हूं. मैं चाहता हूं कि गाजा में रहने वाले लोगों को जॉर्डन या अन्य मुस्लिम देशों में शिफ्ट कर दिया जाए और गाजा को मैं अमेरिका के कब्जे में ले लूं.

ट्रंप ने कहा कि अगर यह प्रस्ताव सभी को मंजूर होगा तो मैं मिस्र को भी इसमें शामिल करूंगा.