मुख्यमंत्री पद संभालते ही सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक कामकाज की रफ्तार तेज कर दी है। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ पहली ही बैठक में साफ निर्देश दिए कि नीतीश कुमार की निश्चय-1 और निश्चय-2 योजनाओं के साथ-साथ निश्चय-3 के तहत चल रही सभी योजनाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसी बीच मुख्यमंत्री आम जनता से सीधे जुड़ने के लिए लगातार जनता दरबार भी आयोजित कर रहे हैं। इन दरबारों में पिछले तीन दिनों से आम लोग और पार्टी कार्यकर्ता अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। लोगों की शिकायतों को सुनकर उनके समाधान की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
इसी क्रम में शुक्रवार को आयोजित जनता दरबार में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए हाल में प्रवेश कर रहे थे। कार्यक्रम में भारी भीड़ और समर्थकों का उत्साह देखने लायक था।
इसी दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के कई लोग मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। वे अपने साथ गमछा और बुके लेकर आए थे और मुख्यमंत्री का स्वागत कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन स्वीकार किया।
स्वागत के क्रम में कुछ लोगों ने उन्हें गमछा पहनाया, जबकि एक व्यक्ति ने टोपी पहनाने की कोशिश की। इस पर मुख्यमंत्री ने विनम्रता दिखाते हुए हाथ जोड़कर अभिवादन किया और टोपी अपने सुरक्षा कर्मियों को सौंप दी। इसके बाद उन्हें चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने फिर से हाथ जोड़कर स्वीकार किया।