मिडिल ईस्ट में हालिया घटनाओं ने तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जॉर्डन के महत्वपूर्ण रडार सिस्टमों को निशाना बनाया, जिनमें अधिकांश अमेरिकी निर्मित एयर डिफेंस इक्विपमेंट शामिल थे।
सैटेलाइट इमेज में सामने आया हमला
अमेरिकी और अरब पेनिनसुला के मिलिट्री बेस से मिली नई सैटेलाइट तस्वीरों में दिख रहा है कि ईरान ने मिसाइल और ड्रोन का पता लगाने वाले रडार को नुकसान पहुँचाया है। सोमवार को ली गई एक इमेज में यह साफ देखा गया कि ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी THAAD मिसाइल बैटरी के रडार सिस्टम पर हमला कर उसे नष्ट कर दिया।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, UAE में दो स्थानों पर भी इसी तरह के रडार सिस्टम वाली इमारतों पर हमले किए गए। हालांकि, वहां अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उपकरणों को कितना नुकसान हुआ है।
रडार सिस्टम की अहमियत
रडार सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक करने और उन्हें इंटरसेप्ट करने वाले हाई-एंड मिसाइल सिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। US आठ THAAD बैटरियां संचालित करता है, जबकि UAE के पास दो और सऊदी अरब के पास एक बैटरी है। जॉर्डन का यह एयर बेस ईरान से लगभग 500 मील की दूरी पर स्थित है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान का यह कदम मिडिल ईस्ट में सैन्य संतुलन पर सीधा असर डाल सकता है और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी कर सकता है।