अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि हालिया न्यायिक फैसले के बावजूद भारत के साथ चल रहा व्यापार समझौता प्रभावित नहीं होगा। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि “इंडिया डील जारी है” और दोनों देश तय रूपरेखा के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। ट्रंप ने भारत के साथ संबंधों को मजबूत बताते हुए दावा किया कि नई दिल्ली ने अमेरिकी आग्रह पर कुछ रणनीतिक फैसले लिए, जिनका उद्देश्य वैश्विक तनाव कम करना था।

टैरिफ और कूटनीतिक दावे

ट्रंप ने यह भी कहा कि टैरिफ केवल आर्थिक हथियार नहीं, बल्कि कूटनीतिक दबाव का साधन भी रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सख्त व्यापारिक रुख अपनाकर उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय टकरावों को शांत करने में भूमिका निभाई, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव भी शामिल है। उनके मुताबिक, इन कदमों से क्षेत्रीय स्थिरता को बल मिला।

अंतरिम समझौते की रूपरेखा

हाल ही में वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच एक अंतरिम व्यापार ढांचा तैयार किया गया है। इसके तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ को हटाने का फैसला किया और शुल्क दर घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात कही। दूसरी ओर, भारत ने कुछ अमेरिकी उत्पादों पर शून्य टैरिफ लागू करने पर सहमति जताई है। ट्रंप का कहना है कि यह व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक संतुलित और अमेरिका के हित में है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए उन्हें मजबूत और निर्णायक नेता बताया। ट्रंप के अनुसार, नया समझौता दोनों देशों के लिए “न्यायसंगत” है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी

गौरतलब है कि 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ को असंवैधानिक ठहराया था। इस निर्णय को उनकी आर्थिक नीति के लिए बड़ा झटका माना गया। ट्रंप ने प्रतिक्रिया में कहा कि अदालत ने उनके तर्कों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया और फैसले को निराशाजनक बताया।

फिलहाल, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और इसे आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है।