अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव और युद्धविराम की स्थिति के बीच एक अहम बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत किसी समझौते तक पहुंचती है, तो वह ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से मुलाकात करने के लिए तैयार होंगे। ट्रंप ने कहा कि ऐसी किसी भी संभावित बैठक को वह “सम्मानजनक अवसर” के रूप में देखेंगे।

ट्रंप ने खामेनेई को लेकर क्या कहा?

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से मुलाकात के इच्छुक नहीं हैं, लेकिन यदि समझौते की दिशा में प्रगति होती है तो यह संभव हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में वह पूरी शिष्टता और सम्मान के साथ बातचीत करेंगे। ट्रंप ने खामेनेई को एक अनुभवी व्यक्ति बताते हुए कहा कि उनकी छवि को लेकर अलग-अलग राय हो सकती है, जैसा कि उनके बारे में भी कहा जाता है।

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका-ईरान समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर अब कड़ी निगरानी रखी जा रही है और कुछ मामलों में यह प्रक्रिया पहले ही धीमी पड़ी है।

उन्होंने आगे कहा कि होर्मुज जलमार्ग को जल्द ही वैश्विक व्यापार के लिए पूरी तरह खोला जा सकता है।

क्यूबा पर नए अमेरिकी प्रतिबंध

इसी बीच, ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल, उनकी पत्नी और कई वरिष्ठ अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कदम क्यूबा सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए उठाया गया है। क्यूबा ने इन प्रतिबंधों को अपनी संप्रभुता में दखल बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता जारी

दूसरी ओर, भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। हाल ही में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर आया था, जहां दोनों देशों के बीच चार दिनों तक वार्ता हुई। भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि बातचीत सकारात्मक और व्यावहारिक माहौल में संपन्न हुई।

दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई है कि एक ऐसा समझौता तैयार किया जाए जिससे व्यापारिक रिश्ते मजबूत हों और दोनों पक्षों को समान लाभ मिल सके।