अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई को लेकर एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना पक्ष रखा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब तक वेनेजुएला में सत्ता का सुरक्षित और व्यवस्थित हस्तांतरण नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका वहां की स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखेगा। ट्रंप के अनुसार, इस सैन्य अभियान में वायुसेना, थलसेना और नौसेना तीनों की संयुक्त भूमिका रही और इसे उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी और प्रभावशाली कार्रवाइयों में से एक बताया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस ऑपरेशन के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया गया। उन्होंने इसे अमेरिकी सैन्य ताकत और रणनीतिक क्षमता का असाधारण प्रदर्शन करार देते हुए कहा कि यह कार्रवाई शांति, स्वतंत्रता और न्याय के उद्देश्य से की गई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के नागरिकों के बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वे देश में हों या फिलहाल अमेरिका में रह रहे हों और स्वदेश लौटना चाहते हों।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने कराकस के मध्य स्थित एक अत्यंत सुरक्षित सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया, जहां से मादुरो सत्ता संचालन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह जोखिम नहीं उठा सकता कि वेनेजुएला किसी ऐसे समूह या ताकत के हाथ में चला जाए, जिसका उद्देश्य वहां की जनता का भला न हो। ट्रंप ने इस कार्रवाई की तुलना ईरान के खिलाफ पहले किए गए उच्चस्तरीय सैन्य अभियानों से भी की।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस हमले के बाद वेनेजुएला की सैन्य क्षमताएं पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी हैं। उनके अनुसार, ऑपरेशन के दौरान कराकस की बिजली व्यवस्था तक को नियंत्रित कर लिया गया, जो अमेरिकी सेना की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका लाया जाएगा, जहां उन पर न्यूयॉर्क में गंभीर आरोपों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। ट्रंप ने मादुरो पर अमेरिका के खिलाफ कथित “नार्को-आतंकवादी नेटवर्क” चलाने का आरोप लगाया।
तेल कारोबार को लेकर भी ट्रंप ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वर्षों से वेनेजुएला का तेल क्षेत्र बदहाली का शिकार रहा है और उत्पादन लगभग ठप पड़ चुका था। ट्रंप के मुताबिक अब अमेरिकी तेल कंपनियां वहां निवेश करेंगी, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करेंगी और तेल उत्पादन को दोबारा पटरी पर लाया जाएगा, जिससे वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार था और जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन का दूसरा चरण भी लागू किया जा सकता था। हालांकि, उन्होंने कहा कि मौजूदा कार्रवाई की सफलता को देखते हुए फिलहाल इसकी आवश्यकता नहीं महसूस हो रही है।
प्रेस वार्ता के अंत में ट्रंप ने दोहराया कि वेनेजुएला के तेल पर लगाया गया प्रतिबंध पूरी तरह प्रभावी रहेगा। उन्होंने इसे अमेरिका की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी ताकत अमेरिका या उसके नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगी, उसे कड़े परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने दावा किया कि मादुरो के हटने के बाद वेनेजुएला के लोग अब एक नए और स्वतंत्र भविष्य की ओर बढ़ सकेंगे।
इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वैश्विक तेल बाजार में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा और जिन देशों को ऊर्जा की जरूरत है, उन्हें तेल आपूर्ति की जाएगी। उनके अनुसार, वेनेजुएला के कमजोर ढांचे के कारण जो उत्पादन संभव नहीं हो पा रहा था, उसकी भरपाई अमेरिका करेगा और आने वाले समय में कई नए देश इस व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं।