वॉशिंगटन/बगदाद: अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को बताया कि KC-135 रिफ्यूलिंग विमान, जो ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन में सपोर्ट कर रहा था, पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार छह क्रू में से चार की मौत की पुष्टि हो गई है। बचाव और राहत कार्य जारी हैं।

घटना का विवरण
यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह हादसा फ्रेंडली एयरस्पेस में एक अज्ञात घटना के दौरान हुआ, जिसमें दो विमान शामिल थे। दूसरी विमान सुरक्षित रूप से उतर गई। यह अमेरिकी सेना का ईरान संघर्ष के दौरान सार्वजनिक रूप से सामने आया चौथा विमान हादसा है। KC-135 टैंकर विमान मुख्य रूप से लड़ाकू विमानों को हवा में ईंधन भरने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिससे वे लंबी दूरी के मिशन पूरा कर सकें।

KC-135 टैंकर के बारे में
KC-135 अमेरिकी वायुसेना का लंबी दूरी वाला एयर रिफ्यूलिंग विमान है। इसका डिजाइन बोइंग-707 पर आधारित है और यह 1960 के दशक से सेवा में है। आमतौर पर इसमें पायलट, को-पायलट और बूम ऑपरेटर शामिल होते हैं। बूम ऑपरेटर पीछे स्थित विशेष फ्यूल बूम के जरिए अन्य विमानों को ईंधन देता है। कुछ मिशनों में इसका इस्तेमाल मेडिकल इवैक्यूएशन और निगरानी कार्यों के लिए भी होता है।

अमेरिकी वायुसेना के पास लगभग 376 KC-135 विमान हैं, जिनमें सक्रिय ड्यूटी, एयर नेशनल गार्ड और रिज़र्व शामिल हैं। पुराने KC-135 विमानों को धीरे-धीरे नए KC-46A पेगासस टैंकर से बदल दिया जा रहा है।

दुर्घटना के कारण और पिछली घटनाएं
अभी तक दुर्घटना के कारण स्पष्ट नहीं हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, रिफ्यूलिंग टैंकर आमतौर पर युद्ध क्षेत्र के पीछे सुरक्षित इलाकों में ऑपरेशन करते हैं, इसलिए दुश्मन की गोलीबारी से गिरने के मामले बहुत कम होते हैं। यह हादसा ऐसे समय हुआ जब पिछले सप्ताह तीन अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमानों को गलती से कुवैत में फ्रेंडली फायर में मार गिराया गया था।

KC-135 विमान से जुड़ी पिछली बड़ी दुर्घटनाओं में मई 2013 में किर्गिस्तान का हादसा शामिल है, जिसमें टेकऑफ़ के बाद विमान क्रैश हो गया और तीन क्रू सदस्य मारे गए थे। सबसे गंभीर दुर्घटना 1966 में स्पेन के पालोमारिस में हुई थी, जब KC-135 B-52 बमवर्षक से हवा में टकरा गया। इस हादसे में चार लोग मारे गए और जमीन पर गिरे परमाणु हथियारों की सफाई के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाना पड़ा।