अमेरिका में रिश्वतखोरी मामले में भारतीय अरबपति गौतम अदाणी व अन्य के खिलाफ सिविल एवं आपराधिक मामलों में एक ही जज सुनवाई करेंगे। न्यूयॉर्क की एक अदालत ने अपने आदेश में कहा कि चूंकि सभी मामले आपस में संबंधित हैं इसलिए इन्हें आपराधिक मुकदमे को सुन रहे जज को सौंपा जाएगा।

मजिस्ट्रेट जज वेरा एम स्कैनलॉन ने पिछले साल 12 दिसंबर को सुनाए फैसले में कहा कि जिला जज निकोलस गरौफिस के साथ विचार विमर्श में पाया कि अदाणी के खिलाफ आपराधिक और दीवानी मुकदमों में एक जैसे आरोप हैं। ये सभी एक तरह के लेनदेन और घटनाओं से भी संबंधित हैं। ऐसे में न्यायिक दक्षता को बढ़ावा देने और एक साथ अलग अलग मामले सूचीबद्ध होने से बचने के लिए तीनों मुकदमों को जिला जज निकोलस गरौफिस को सौंपा जाता है। अदाणी पर अनुकूल सौर ऊर्जा अनुबंधों के बदले भारतीय अधिकारियों को 25 करोड़ अमरीकी डालर की रिश्वत देने के लिए अमेरिकी न्याय विभाग ने सिविल व आपराधिक मुकदमे चलाए हैं। अदाणी समूह ने न्याय विभाग और एसईसी के आरोपों को निराधार बताते हुए इनसे इन्कार किया है।