केरल के त्रिशूर जिले के मुंडथिक्कोडु इलाके में मंगलवार को एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना उस समय हुई जब प्रसिद्ध त्रिशूर पूरम उत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं।
काम के दौरान हुआ हादसा, कई कर्मचारी थे मौजूद
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, विस्फोट के समय यूनिट में लगभग 40 लोग कार्यरत थे। जानकारी के मुताबिक, कर्मचारियों के लिए दोपहर का भोजन लाया गया था और उसी दौरान यह हादसा हुआ। कुछ लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने की भी सूचना है।
बताया जा रहा है कि यह इकाई त्रिशूर पूरम के थिरुवंबाडी समूह के लिए आतिशबाजी के सैंपल तैयार करने में लगी थी। शुरुआती जानकारी में कई लोग घायल हुए थे, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
जोरदार धमाका, कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई आवाज
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद पूरे इलाके में धुआं और आग फैल गई, जिससे राहत कार्य में भी मुश्किलें आईं।
घटनास्थल पर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मौजूद होने की बात सामने आई है, जिससे आग तेजी से फैली। कई अधजले और बिना फटे विस्फोटकों के कारण बचाव अभियान को सावधानीपूर्वक चलाया जा रहा है।
राहत-बचाव कार्य जारी, अस्पताल अलर्ट पर
घटना की सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि त्रिशूर मेडिकल कॉलेज सहित अन्य अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है।
एक अधिकारी के अनुसार, शुरुआती तौर पर करीब 40 लोग घायल बताए गए थे, जिनमें से कई की हालत गंभीर है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
भूकंप जैसा महसूस हुआ धमाका
केरल औद्योगिक एवं श्रम अकादमी (KILA) के कर्मचारियों ने बताया कि पहले उन्हें तेज झटका महसूस हुआ और लगा कि भूकंप आया है। बाद में बाहर निकलने पर उन्हें विस्फोट की जानकारी मिली।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
फिलहाल विस्फोट के कारणों की जांच जारी है। प्रारंभिक आशंका में पटाखा निर्माण और भंडारण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात सामने आ रही है।
इलाके में दहशत, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
घटना के बाद आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है और जनजीवन प्रभावित हुआ है। पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
प्रशासन अब पटाखा निर्माण इकाइयों के सुरक्षा नियमों की समीक्षा करने की तैयारी में है, खासकर ऐसे समय में जब त्रिशूर पूरम जैसे बड़े उत्सव के दौरान भारी मात्रा में आतिशबाजी की जाती है।