ओडिशा कांग्रेस से निष्कासित वरिष्ठ नेता मोहम्मद मुकीम ने राज्य की राजनीति में नई शुरुआत का संकेत देते हुए अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की है। उन्होंने युवाओं से आगे आने और ओडिशा के लोगों को एक नया सशक्त राजनीतिक विकल्प देने का आह्वान किया।
सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुकीम ने कहा कि मार्च तक उनकी नई पार्टी औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ जाएगी। इस मौके पर उनकी बेटी और कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस भी मंच पर मौजूद रहीं। हालांकि कार्यक्रम में कांग्रेस या अन्य दलों के बड़े नेताओं की उपस्थिति नहीं दिखी।
नेतृत्व पर सवाल उठाने के बाद हुई थी कांग्रेस से विदाई
मोहम्मद मुकीम ने कहा कि प्रस्तावित पार्टी पारंपरिक राजनीति से अलग राह अपनाएगी और स्थापित दलों के प्रभुत्व को सीधी चुनौती देगी। उन्होंने दावा किया कि राज्य की राजनीति में वास्तविक बदलाव लाने की क्षमता युवाओं में ही है।
गौरतलब है कि मुकीम ने दिसंबर माह में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्तचरण दास और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें निष्कासित कर दिया था।
कार्यक्रम में मौजूद सोफिया फिरदौस से जब यह पूछा गया कि क्या उनकी उपस्थिति पार्टी लाइन के खिलाफ मानी जाएगी, तो उन्होंने इससे इनकार करते हुए कहा कि वे केवल युवाओं को एकजुट करने के उद्देश्य से कार्यक्रम में शामिल हुई थीं।
अलग-अलग दलों से मिली मिश्रित प्रतिक्रिया
मोहम्मद मुकीम की बेटी और कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने अपने पिता की पहल पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें हमेशा जनसेवा के लिए प्रतिबद्ध देखा है और यह प्रयास भी सफल होगा।
वहीं ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्तचरण दास ने इस घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों से डरते हैं, वे भाजपा को खुश करने की राह पकड़ लेते हैं। ऐसे लोगों का कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए।
बीजद सांसद देबाशीष समांत्रे ने भी मुकीम के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे पूरे ओडिशा के नेता नहीं हैं और कटक से बाहर उनकी पहचान सीमित है।
भाजपा ने भी इस पहल को गंभीरता से लेने से इनकार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की बढ़ती लोकप्रियता के बीच मुकीम की नई राजनीतिक कोशिशों का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।