पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच इस बार एक साधारण स्ट्रीट फूड ‘झालमुड़ी’ भी सुर्खियों में आ गया है। चुनावी माहौल के दौरान नेताओं की गतिविधियों में इसका जिक्र और स्वाद लेने की घटनाएं लगातार चर्चा का विषय बन रही हैं।

पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान कुछ समय निकालकर झालमुड़ी का स्वाद लिया था। वहीं, अब भवानीपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को एक स्थानीय स्टॉल पर जाकर झालमुड़ी और आलू चाट का आनंद लिया।

दुकानदार से बातचीत और चुनावी दावा

झालमुड़ी खाने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने दुकानदार को भरोसा दिलाया कि अगर भाजपा की सरकार बनती है तो छोटे व्यापारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा स्थानीय कारोबारियों के साथ खड़ी रहेगी।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि इस बार ममता बनर्जी को भारी अंतर से हार का सामना करना पड़ेगा और पूरे बंगाल में भाजपा मजबूत प्रदर्शन करेगी।

ममता बनर्जी पर तीखी टिप्पणी

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वे चुनावी तैयारियों पर ध्यान दे रहे हैं और ऐसे बयानों को नजरअंदाज कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि भवानीपुर समेत पूरे बंगाल में मतदाता बदलाव के मूड में हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वे धार्मिक स्थलों का दौरा कर रहे हैं और अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।

भाजपा सांसद का दावा

भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने भी दावा किया कि इस बार राज्य में दो-तिहाई बहुमत से भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस का प्रभाव कम होता जा रहा है और आने वाले समय में पार्टी की स्थिति और कमजोर होगी।

मतदान प्रक्रिया और आंकड़े

चुनाव आयोग के अनुसार इस चरण में कुल 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक और पहली बार वोट देने वाले भी इस चरण का हिस्सा हैं।

उम्मीदवार और सीटों का ब्योरा

इस चरण में कुल 1,448 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 142 सीटों में से अधिकांश सामान्य श्रेणी की हैं, जबकि कुछ सीटें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। कई जिलों में मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

सुरक्षा के लिए हजारों मतदान केंद्र बनाए गए हैं और सभी जगह वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। केंद्रीय सुरक्षा बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

गिरफ्तारी का आंकड़ा

चुनाव आयोग ने बताया कि मतदान से पहले पिछले 24 से 36 घंटों के दौरान बड़ी संख्या में एहतियाती गिरफ्तारियां की गई हैं। हालांकि, इनके जिलावार आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।