पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले चुनाव आयोग ने सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कई अहम बदलाव करने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासनिक फेरबदल के निर्देश

आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि फालता विकासखंड में तैनात संयुक्त बीडीओ सौरव हाजरा, जो 144-फालता विधानसभा क्षेत्र के सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) भी हैं, उन्हें तत्काल वहां से हटाकर पुरुलिया मुख्यालय भेजा जाए। उनकी जगह वर्तमान ओएसडी राम्या भट्टाचार्य को फालता में नई जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान के लिए इस तरह के प्रशासनिक बदलाव जरूरी हैं।

NIA को भी अलर्ट रहने के निर्देश

चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या विस्फोटक गतिविधियों को रोका जाए और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह कदम हाल के दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों से कच्चे बम बरामद होने की घटनाओं के बाद उठाया गया है।

दक्षिण 24 परगना में बम बरामदगी का मामला

सूत्रों के अनुसार, 26 अप्रैल को दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर इलाके में एक घर से बड़ी मात्रा में कच्चे बम बरामद किए गए थे। बताया जा रहा है कि इस मामले में एक व्यक्ति, जो टीएमसी से जुड़ा बताया जाता है, के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके बाद गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA ने इस केस की जांच अपने हाथ में ले ली है और कुल 79 कच्चे बमों की बरामदगी के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

शांतिपूर्ण मतदान पर जोर

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और निगरानी को और कड़ा किया गया है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हो चुका है, जबकि दूसरा चरण बुधवार को आयोजित किया जाएगा। आयोग का उद्देश्य है कि सभी मतदाता बिना किसी भय के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।