नई दिल्ली में आधार कार्ड को लेकर एक अहम बदलाव सामने आया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने स्पष्ट किया है कि अब आधार कार्ड को जन्मतिथि (Date of Birth) के प्रमाण के रूप में मान्य नहीं माना जाएगा। इस संबंध में जारी निर्देश में कहा गया है कि आधार पहचान सत्यापन का माध्यम तो रहेगा, लेकिन इससे उम्र या जन्मतिथि की पुष्टि नहीं की जा सकेगी।
पहचान के लिए आधार, लेकिन जन्मतिथि के लिए नहीं
UIDAI के अनुसार आधार का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान को डिजिटल तरीके से प्रमाणित करना है, न कि उसकी जन्मतिथि का आधिकारिक प्रमाण देना। कार्ड पर दर्ज जन्मतिथि आमतौर पर आवेदन के समय दी गई जानकारी पर आधारित होती है, जिसका स्वतंत्र सत्यापन नहीं किया जाता।
संस्था ने यह भी साफ किया कि आधार के जरिए होने वाली पहचान प्रक्रिया में बायोमेट्रिक और अन्य डाटा का मिलान केंद्रीय डेटाबेस से किया जाता है। सफल वेरिफिकेशन केवल व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करता है, लेकिन इससे उम्र संबंधी जानकारी की पुष्टि नहीं होती।
एजेंसियों पर निर्भर करेगा उपयोग
UIDAI ने कहा है कि AUA (Authentication User Agency) और KUA (KYC User Agency) यह तय कर सकती हैं कि उम्र या जन्मतिथि के सत्यापन के लिए आधार का उपयोग किस हद तक किया जाए। विभिन्न सरकारी योजनाओं, सब्सिडी या अन्य सेवाओं में आधार के उपयोग का निर्णय संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों पर निर्भर रहेगा।
पहचान और पते के प्रमाण के रूप में मान्य
UIDAI ने दोहराया है कि आधार के सभी स्वरूप—जैसे ई-आधार, मास्क्ड आधार, ऑफलाइन XML और QR कोड—पहचान और पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जा सकते हैं, लेकिन इनमें से कोई भी दस्तावेज जन्मतिथि का आधिकारिक प्रमाण नहीं माना जाएगा।
साथ ही डिजिटल पहचान को लेकर नया कदम
इसी बीच डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी एक नया अपडेट सामने आया है। टेक कंपनी Google ने घोषणा की है कि भारतीय यूजर्स अब अपनी आधार-वेरिफाइड डिजिटल पहचान को Google Wallet में सुरक्षित रूप से स्टोर कर सकेंगे।
यह सुविधा UIDAI के सहयोग से विकसित की गई है और इसमें “सेलेक्टिव डिस्क्लोजर” तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यूजर केवल जरूरी जानकारी ही साझा कर पाएंगे।
शुरुआती चरण में इस सुविधा को कुछ साझेदार कंपनियों के साथ लागू किया जा रहा है। इनमें सिनेमा चेन PVR INOX, मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म BharatMatrimony और वीजा प्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म Atlys शामिल हैं, जो उम्र सत्यापन और पहचान प्रक्रिया में इस तकनीक का उपयोग करेंगे।