लखनऊ/उत्तर प्रदेश: प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार को कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी देखने को मिली, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से कुछ राहत मिली है।
बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में मौसम में यह बदलाव अधिक प्रभावी रहा। झांसी में 6.9 मिमी और ललितपुर में 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा हमीरपुर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा और महोबा समेत कई जिलों में भी हल्की बूंदें पड़ीं।
हालांकि गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मंगलवार को बांदा एक बार फिर देश का सबसे गर्म शहर रहा और अप्रैल माह में यह छठवीं बार प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, 27 अप्रैल को बांदा में तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे यह दुनिया के सबसे गर्म स्थानों में भी शामिल रहा।
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए प्रदेश के 58 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बूंदाबांदी की संभावना जताई है। वहीं 32 जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। इसके चलते पूर्वी और पश्चिमी यूपी दोनों हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बनी रह सकती है। उन्होंने बताया कि इस मौसम परिवर्तन से अगले लगभग दस दिनों तक भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
विभाग ने कई जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी भी जारी की है, जिनमें बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, मेरठ, बरेली समेत प्रदेश के बड़े हिस्से शामिल हैं।