बजट सत्र के दूसरे हफ्ते में सोमवार को लोकसभा का माहौल तनावपूर्ण रहा। मामला तब गर्माया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चीन से जुड़े एक मुद्दे को उठाने की कोशिश की। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (रिटायर्ड) के अप्रकाशित संस्मरणों के अंश को लेकर एक मैगज़ीन आर्टिकल से उद्धरण पेश करने का प्रयास किया।
रक्षा और गृह मंत्री ने जताई आपत्ति
इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन में इस तरह का उद्धरण पेश करना उचित नहीं है। उनके रुख के बावजूद, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का समर्थन किया।
अखिलेश यादव का बयान
अखिलेश यादव ने चीन से जुड़े मुद्दे को संवेदनशील बताते हुए कहा कि अगर कोई सुझाव देशहित में है, तो विपक्ष को उसे ध्यान से सुनना चाहिए। उन्होंने डॉक्टर लोहिया और मुलायम सिंह यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि चीन के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है।
संसदीय कार्य मंत्री की प्रतिक्रिया
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "हम सदन में चर्चा सुनने के लिए बैठे हैं, लेकिन रूलिंग के बावजूद लगातार पढ़ाई जा रही है। आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा हो रही है, विपक्ष खुद बोलना नहीं चाहता। सदन में किसी की मनमानी नहीं चलेगी।"
अमित शाह और वेणुगोपाल की बहस
कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने रूल 349 का हवाला देते हुए दावा किया कि तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं। इस पर अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि यह आरोप सत्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजस्वी सूर्या ने 2004 से 2014 तक के राष्ट्रपति अभिभाषण के शब्दों को उद्धृत किया है, न कि कांग्रेस को निशाना बनाया।
वेणुगोपाल के बोलने पर स्पीकर ने हिदायत दी कि विपक्ष के नेता ही बोलेंगे और सदन में एलओपी एडवोकेट खड़े नहीं करते।