लोकसभा में मंगलवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की एक किताब का उल्लेख किया। उनके इस संदर्भ पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ी आपत्ति जताई।
राहुल गांधी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस में हिस्सा ले रहे थे। इसी दौरान उन्होंने जनरल नरवणे से जुड़ी एक पुस्तक के कुछ अंशों का जिक्र किया, जिसे लेकर सरकार पक्ष ने विरोध दर्ज कराया।
स्पीकर ने दिलाए सदन के नियम
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए सदन की मर्यादा और नियमों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि संसद में ऐसे किसी भी दस्तावेज या पुस्तक का उल्लेख नहीं किया जा सकता, जो अब तक सार्वजनिक रूप से प्रकाशित न हुई हो।
सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता ने एक अप्रकाशित पुस्तक से उद्धरण पढ़कर संसदीय नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने इसे सदन की प्रक्रिया के खिलाफ बताया।
इस पर राहुल गांधी ने सफाई देते हुए कहा कि उनके पास जो जानकारी है, वह विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है और इसमें एक पूर्व सेना प्रमुख के संस्मरणों के अंश शामिल हैं, जो अभी औपचारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुए हैं।