ईरान में जारी तनाव के बीच देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस की कमी देखने को मिल रही है। कई शहरों में सिलेंडरों के लिए लंबी कतारें लगी हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों से कहा है कि कुछ लोग इस स्थिति को घबराहट फैलाने का अवसर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखी जाए और देश की तैयारियों को मजबूत बनाए रखा जाए।

मंत्रियों को सतर्क रहने का निर्देश
सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने गुरुवार को मंत्रियों से कहा कि ईरान संकट को देखते हुए देश में हालात पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर विरोधी प्रचार का प्रभावी तरीके से जवाब देना जरूरी है। मंत्रियों को आत्मविश्वास के साथ स्थिति को संभालने और लोगों में घबराहट न फैलने देना होगा।

भारत की तैयारियां मजबूत:
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की तैयारियां पड़ोसी और अन्य देशों की तुलना में अधिक मजबूत हैं। उन्होंने मंत्रियों को भरोसा दिलाया कि भारत संकट का सामना पूरी तैयारी के साथ कर सकता है। इसके पहले, उन्होंने बुधवार को तमिलनाडु में एक जनसभा के दौरान लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की अपील की और एलपीजी संकट को जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया।

सत्यापित जानकारी साझा करने का संदेश
पीएम मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से गैस संकट का जिक्र करते हुए जनता से अपील की कि केवल सत्यापित और सही जानकारी ही साझा की जाए, ताकि अफवाहों से घबराहट न फैले।

होर्मुज जलडमरूमध्य से राहत की खबर
ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद या बाधित करने की कोशिशों के बीच भारत को बड़ी सफलता मिली है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची के साथ उच्च स्तरीय बातचीत के बाद भारत के लिए मार्ग को सुरक्षित कराने में सफलता पाई। इसके तहत भारत के झंडे वाले टैंकरों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिल गई है। खबरों के अनुसार, टैंकर पुष्पक और परिमल इस मार्ग से सुरक्षित होकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं।