असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने रविवार को घोषणा की कि पार्टी आगामी असम विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि शेष सीटें गठबंधन सहयोगी दलों के लिए छोड़ी जाएंगी। असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं।
कांग्रेस के 141वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोगोई ने साफ कहा कि उनकी पार्टी किसी भी परिस्थिति में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने एआईयूडीएफ को सांप्रदायिक सोच वाली पार्टी करार दिया।
गोगोई ने कहा कि 2026 के चुनाव में कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर भाजपा को सत्ता से बाहर करने की रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार जनविरोधी नीतियों के जरिए समाज में विभाजन बढ़ा रही है।
गरिमा और लोकतंत्र की बहाली का दावा
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई ने कहा कि पार्टी के नेतृत्व में असम के लोगों की गरिमा बहाल की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शांति, एकता और संविधानिक मूल्यों में विश्वास रखती है, जबकि भाजपा समाज में अस्थिरता और वैमनस्य फैलाने का काम कर रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें योजनाबद्ध तरीके से आम नागरिकों के अधिकार सीमित कर रही हैं। गोगोई ने पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में गरीबों और कमजोर वर्गों को वास्तविक लाभ मिला था।
सत्ता में लौटने पर बदलाव का वादा
गोगोई ने भरोसा दिलाया कि अगर कांग्रेस दोबारा सत्ता में आती है, तो राज्य में सकारात्मक और ठोस बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर धर्म के नाम पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए विशेष कानून लाया जाएगा।