बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच ढाका पुलिस ने एक अहम जानकारी साझा की है। पुलिस के अनुसार, हिंसा से जुड़े दो आरोपी—फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख—देश छोड़कर भारत में प्रवेश कर चुके हैं। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) के अतिरिक्त आयुक्त एस.एन. नजरुल इस्लाम ने बताया कि दोनों ने स्थानीय लोगों की मदद से सीमा पार की और मेघालय राज्य में दाखिल हुए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, उन्होंने हलुआघाट सीमा मार्ग का इस्तेमाल किया।

ढाका पुलिस के हवाले से बांग्लादेशी अख़बार द डेली स्टार ने बताया कि भारत पहुंचने के बाद दोनों आरोपियों को सबसे पहले पुर्ति नाम के व्यक्ति ने रिसीव किया। इसके बाद टैक्सी चालक सामी उन्हें मेघालय के तुरा शहर तक ले गया। नजरुल इस्लाम ने कहा कि पुलिस को अनौपचारिक तौर पर जानकारी मिली है कि भारत में आरोपियों की मदद करने वाले दोनों लोगों को भारतीय एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया है।

प्रत्यर्पण के लिए भारत से संपर्क में ढाका
डीएमपी के अतिरिक्त आयुक्त ने बताया कि बांग्लादेश सरकार आरोपियों को वापस लाने के प्रयास कर रही है। इसके लिए भारतीय अधिकारियों से औपचारिक और अनौपचारिक दोनों स्तरों पर बातचीत जारी है, ताकि गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

हिंसा से तनावपूर्ण माहौल
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से बांग्लादेश के कई हिस्सों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। ढाका और चटगांव समेत कई शहरों में प्रदर्शन और हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आई हैं। 12 दिसंबर को छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मारे जाने की घटना के बाद हालात और बिगड़ गए। हादी का 18 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान निधन हो गया, जिसके बाद विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए।

इसके बाद चटगांव में एक हिंदू व्यक्ति की कथित लिंचिंग की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी। हाल ही में नए राजनीतिक दल नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के एक नेता पर भी हमला हुआ। पार्टी के नेता मोहम्मद मुतालिब सिकदर को खुलना में गोली मारी गई, जिसमें उनके सिर में गंभीर चोट आई है। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।