केरल: राज्य का नाम बदलने के एलडीएफ सरकार के प्रस्ताव को केरल भाजपा ने समर्थन दिया है। भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को पत्र लिखकर इस मुद्दे में हस्तक्षेप की मांग की है।

एलडीएफ सरकार ने राज्य का नाम ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव पारित किया है, जिसे राज्य विधानसभा ने अगस्त 2024 में एकमत से स्वीकार किया था। इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया कि राज्य का नाम बदलकर संविधान की आठवीं अनुसूची में भी दर्ज किया जाए।

भाजपा ने क्यों किया समर्थन?

भाजपा केरल के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने पत्र में लिखा कि नाम बदलने से राज्य में कट्टरपंथी ताकतों पर नियंत्रण करने में मदद मिलेगी, जो धर्म के आधार पर जिले अलग करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा भाषा, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा में आधारित है और पार्टी केरल को हमेशा ‘केरलम’ के रूप में देखती है।

चंद्रशेखर ने यह भी आशा जताई कि नाम परिवर्तन से राज्य सुरक्षित और विकसित रहेगा, और सभी मलयाली लोग मिलजुल कर रह सकेंगे।