फतेहपुर। जिले के हथगाम थाना क्षेत्र के पट्टीशाह गांव में वर्ष 2008 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार पंचम की अदालत ने 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 38-38 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह मामला 7 दिसंबर 2008 का है, जब गांव में वर्चस्व को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने जिन लोगों को दोषी माना है, उनमें गांव के कई परिवारों से जुड़े आरोपी शामिल हैं। इनमें शरीफ सेठ, रईस, शफीक, मोईन, नेहाल, रईश, सगीर, इसराइल, अशोक, साबिर, सादिक, वाजिद, संजय और मुन्नू सिंह का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना उस समय हुई जब गांव के पूर्व प्रधान और बसपा नेता मजहर हैदर नकवी उर्फ मज्जू मियां अपने बेटे रियाज हैदर नकवी और अंगरक्षक शमशाद के साथ बकरीद के जुलूस में शामिल थे। जुलूस जब दूसरे पक्ष के घर के पास पहुंचा, तभी पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने हमला कर दिया।
बताया गया कि आरोपियों ने लाठी-डंडों से मारपीट करने के साथ-साथ फायरिंग भी की। गोली लगने से रियाज हैदर नकवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल शमशाद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मज्जू मियां भी हमले में घायल हुए थे।
इस मामले में कुल 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान दो आरोपी सलाम और बच्छन की मृत्यु हो चुकी है, जिसके चलते अब 14 आरोपियों को सजा सुनाई गई है। अदालत ने सभी को विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा दी है।