उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी नागरिक सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर फर्जी पहचान का मामला सामने आया है। गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज में बायोमैट्रिक सत्यापन के दौरान एक अभ्यर्थी की पहचान संदिग्ध पाए जाने पर उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
परीक्षा के दौरान संदिग्ध मिला अभ्यर्थी
जानकारी के अनुसार, 8 जून से जिले में 29 परीक्षा केंद्रों पर पुलिस भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। मंगलवार को दूसरी पाली की परीक्षा गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज में पुलिस निरीक्षक यतेंद्र कुमार, केंद्र व्यवस्थापक एवं प्रधानाचार्या बलविन्दर कौर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार की निगरानी में चल रही थी।
इसी दौरान कार्यदायी संस्था से सूचना मिली कि एक अभ्यर्थी के आधार कार्ड के विवरण संदिग्ध हैं और परीक्षा के बाद दोबारा बायोमैट्रिक जांच की आवश्यकता है।
दो अलग-अलग पहचान सामने आई
जांच में सामने आया कि अभ्यर्थी के नाम और दस्तावेजों में गंभीर गड़बड़ी है। एक दस्तावेज में उसका नाम मुकेश कुमार पुत्र सत्यपाल और जन्मतिथि 15 जुलाई 1997 दर्ज थी, जबकि दूसरे आधार कार्ड में नाम प्रथमेश पुत्र सुनील टिकले और जन्मतिथि 5 अक्टूबर 2002 पाई गई।
बायोमैट्रिक और ई-केवाईसी सत्यापन में भी असंगति मिलने के बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
कुतुबशेर थाना पुलिस ने आरोपी अभ्यर्थी को भर्ती परीक्षा में फर्जी पहचान और धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। मौके से बरामद आधार कार्ड, प्रवेश पत्र, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों को सील कर कब्जे में ले लिया गया है।
आरोपी बागपत का रहने वाला
पुलिस के अनुसार आरोपी अभ्यर्थी बागपत जिले के चिरचिटा सिंघावली गांव का निवासी है। मामले की आगे जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।