प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केरल के कोच्चि में आयोजित अखिल केरल धीवरा सभा के स्वर्ण जयंती सम्मेलन में हिस्सा लिया और संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर अपनी चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि गल्फ क्षेत्र में हालात सभी के लिए चिंताजनक हैं, क्योंकि वहाँ लाखों भारतीय काम कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार उनके कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है और मित्र देशों की सरकारें भी उनकी सुरक्षा का ध्यान रख रही हैं।

भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के समय कांग्रेस जानबूझकर तनावपूर्ण बयान देती है और परिस्थितियों को और बिगाड़ने की कोशिश करती है। मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान भारत अपने नागरिकों को संकट में अकेला नहीं छोड़ता और युद्ध या संकट में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।

साथ ही प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय दलों एलडीएफ और यूडीएफ पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के कार्यों में समानता है – भ्रष्टाचार और अपराध में साझेदारी और विकास रोकने में बाधा।

मछुआरा समुदाय की सराहना और योगदान

प्रधानमंत्री ने मछुआरा समुदाय के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समुदाय देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने याद दिलाया कि 1999 की भीषण बाढ़ के समय मछुआरों ने साहस और सेवा भावना का परिचय देते हुए फंसे हुए लोगों को बचाया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अब इस समुदाय की क्षमता और मेहनत को पहचान रही है। मत्स्य संपदा योजना के तहत केरल को लगभग 1,400 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है, जिससे राज्य में मछली पालन और संबंधित उद्योगों को बढ़ावा मिला है।

केरल का नाम बदलकर “केरलम” हुआ मंजूर

मोदी ने कहा कि लंबे समय से उनकी यह मांग थी कि राज्य का नाम बदलकर केरलम किया जाए, और भाजपा-एनडीए सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्यवासियों के लंबे इंतजार का फल है और इस अवसर पर अखिल केरल धीवरा सभा की 50वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है।

अरबों रुपये के विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

प्रधानमंत्री ने एर्नाकुलम में लगभग 10,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें कोच्चि रिफाइनरी में नई इकाई की आधारशिला, मुंबई-कन्याकुमारी कॉरिडोर के तहत नई सड़कें, कोझिकोड बाईपास, ग्रामीण सड़कें, आधुनिक रेलवे स्टेशन और कोल्लम में फ्लोटिंग सौर ऊर्जा प्लांट शामिल हैं। इन परियोजनाओं से आयात पर निर्भरता कम होगी और यात्रा समय भी काफी घटेगा।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में यह भी बताया कि ये परियोजनाएं न केवल आर्थिक विकास को गति देंगी, बल्कि राज्य में रोजगार और बुनियादी ढांचे के विस्तार में भी मदद करेंगी।