कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया इंटरव्यू पर कड़ा हमला बोला है। उनका कहना है कि इस साल का केंद्रीय बजट कमज़ोर और असंतुलित साबित हुआ है और इससे सरकार की नीतियों में थकान स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। जयराम रमेश के अनुसार, बजट पेश होने के बाद बाजारों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही, और निवेशकों पर इसका कोई विशेष असर नहीं पड़ा।
'पहले से तय सवाल-जवाब वाला PR अभ्यास'
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के इंटरव्यू में वास्तविक मुद्दों पर चर्चा कम थी और अधिकतर आकर्षक वन-लाइनर बयान थे। उनका कहना है कि यह कोई स्वतंत्र संवाद नहीं था, बल्कि पहले से तय सवाल-जवाब के जरिए जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास था। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सरकार दबाव में है, जिसमें किसानों के हितों से समझौता हुआ है।
पीएम मोदी का बजट दृष्टिकोण
इसके विपरीत, प्रधानमंत्री मोदी ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि सरकार लोक-लुभावन योजनाओं की बजाय उत्पादक खर्च और विकास पर ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि भारत का वस्तु निर्यात लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है और कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद देश दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि इस बजट को केवल 'साधारण बही-खाता' के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे विकास का रोडमैप माना जाना चाहिए।