अनुगुल। ओडिशा के भद्रक जिले के भंडारीपोखरी थाना क्षेत्र के मणिनाथपुर गांव में स्थित स्वर्गद्वार श्मशान घाट से हाल के दो महीनों में दफनाए गए पांच शव अचानक गायब होने का मामला सामने आया है। इस घटना ने गांववासियों में डर और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।

ग्रामीणों ने बताया कि जब वे पारंपरिक अंतिम संस्कार अनुष्ठानों के लिए श्मशान घाट पहुंचे, तो कई जगह जमीन खोदी हुई मिली। जांच करने पर पता चला कि पांच शव, जिनकी पहचान खगेश्वर सामल, हताबंधु बैरिया, कार्तिक नायक, सरस्वती बेहेरा और कलांदी बेहेरा के रूप में हुई, गायब थे। सभी का अंतिम संस्कार पिछले दो महीनों में इसी श्मशान घाट में हुआ था।

पुलिस ने कहा कि यह कोई नई घटना नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2016 में एक बच्चे का शव दो महीने बाद खोदा हुआ मिला था, वहीं अनाम बेहेरा के शव के साथ भी छेड़छाड़ की शिकायत सामने आई थी। 2017 में बसंत दास और प्रधानाध्यापक बसुदेव दास के शव कथित रूप से गायब पाए गए। जून 2023 में तीन और शव लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। अप्रैल 2025 में रुक्मिणी सामल की मौत के दस दिन बाद उनका शव भी खोदी हुई स्थिति में मिला।

श्मशान परिसर में पानी और शराब की खाली बोतलों के अलावा सड़े-गले मांस और कपड़ों के अवशेष भी पाए गए, जिससे ग्रामीणों की आशंकाएं बढ़ गई हैं।

भद्रक के पुलिस अधीक्षक मनोज राउत ने भंडारीपोखरी थाना प्रभारी को मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने बताया कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और श्मशान घाट की सुरक्षा व्यवस्था का भी पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।

ग्रामीणों ने रात में गश्त बढ़ाने और स्थल की सुरक्षा सुदृढ़ करने की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।