नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को गणतंत्र दिवस समारोह में तीसरी पंक्ति में बैठाने पर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस मुद्दे पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि यह सरकार की मानसिकता को दर्शाता है। उनका सवाल था कि मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से किस तरह का डर है और क्या सरकार उन्हें जनता की नजरों से छुपाना चाहती है। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस और उसके नेताओं को पसंद करती है, और उन्हें अपमानित किया जा सकता है, लेकिन उनके योगदान को कोई मिटा नहीं सकता।
कांग्रेस नेताओं का बयान
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उनका सम्मान देश के लिए उनके समर्पण का प्रतीक है। इसलिए यह स्वाभाविक है कि वह प्रधानमंत्री के बाद अगली पंक्ति में बैठें।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि गणतंत्र दिवस का समारोह सभी के लिए है और इसे राजनीतिक विरोध-प्रतिक्रिया में नहीं बदला जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 तक विपक्ष के वरिष्ठ नेता जैसे सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और एलके आडवाणी को उनकी उपयुक्त सीटें दी जाती थीं।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को सामने की पंक्ति में बैठना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार कांग्रेस नेताओं की गरिमा के साथ खेल रही है।
कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने कहा कि यह सरकार विपक्ष और उसके नेताओं की प्रतिष्ठा को कम करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि प्रोटोकॉल का सम्मान जरूरी है और गणतंत्र दिवस पर यह अपमान लोकतंत्र और संविधान की अवहेलना को दर्शाता है।