टिकट और पद दिलाने के नाम पर हुए कथित ठगी मामले को कांग्रेस पार्टी अब गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कराने की तैयारी में है। इस मामले में राहुल गांधी के निजी सचिव कनिष्क के नाम का इस्तेमाल कर पार्टी नेताओं से संपर्क और पैसे की वसूली किए जाने के आरोप सामने आए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ लोगों ने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से फोन पर बातचीत कर खुद को प्रभावशाली पदों से जुड़ा बताया और टिकट व पद दिलाने का झांसा देकर रकम वसूली की कोशिश की। इन बातचीतों की रिकॉर्डिंग भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का नाम भी चर्चा में आ गया है। उन पर लगे आरोपों के बाद पार्टी के अंदरूनी माहौल में तनाव देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि कथित ठग ने गोदियाल से संपर्क कर मामले को दबाने या समझौते की बात भी कही थी।
गणेश गोदियाल ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ रची गई साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से माहौल बनाया जा रहा था। गोदियाल ने यह भी कहा कि वह पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं और किसी भी गलत गतिविधि में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी छोड़कर गए नेताओं की आज राजनीतिक स्थिति क्या है, यह सभी के सामने है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता संगठन की मजबूती के लिए लगातार काम कर रहे हैं और आने वाले समय में पार्टी और मजबूत होकर उभरेगी।
रावत ने यह भी कहा कि वह जल्द ही राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान शुरू करेंगे और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। उनके अनुसार, कांग्रेस के पास अनुभवी और समर्पित नेताओं की मजबूत टीम है, जो आने वाले चुनावों में अहम भूमिका निभाएगी।