नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा हाल ही में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल की जांच में कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क का मकसद मुंबई समेत देश के प्रमुख शहरों में बड़ी वारदातों को अंजाम देकर अंडरवर्ल्ड से जुड़े नेटवर्क की सक्रियता और प्रभाव को फिर से स्थापित करना था। मामले में अब तक नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनसे पूछताछ जारी है।
जांच एजेंसियों को मिले इनपुट के अनुसार, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी लंबे समय से अपनी कमजोर पड़ती पकड़ और घटते प्रभाव को लेकर चिंतित थी। सूत्रों का दावा है कि इसी पृष्ठभूमि में संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने किसी बड़े हमले या हाई-प्रोफाइल टारगेट को निशाना बनाने की योजना तैयार की थी, ताकि नेटवर्क की मौजूदगी का संदेश दोबारा दिया जा सके।
'धुरंधर' फिल्म के बाद बढ़ी बेचैनी?
सूत्रों के अनुसार, रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म 'धुरंधर' को लेकर भी डी-कंपनी के भीतर नाराजगी की चर्चा रही। बताया जा रहा है कि फिल्म में दाऊद इब्राहिम जैसे किरदार को कमजोर और प्रभावहीन रूप में दिखाए जाने को लेकर संगठन से जुड़े कुछ तत्व असहज थे। हालांकि जांच एजेंसियों ने सार्वजनिक रूप से फिल्म और कथित साजिश के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस पहलू को भी जांच का हिस्सा माना जा रहा है।
बताया जाता है कि फिल्म कुछ देशों में विवादों के कारण चर्चा में रही और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी व्यापक रूप से देखी गई। इसके बाद कथित तौर पर डी-कंपनी से जुड़े लोगों ने अपनी ताकत और नेटवर्क की सक्रियता दिखाने की रणनीति पर काम शुरू किया।
युवाओं की भर्ती और कट्टरपंथी नेटवर्क की जांच
जांच में सामने आया है कि मॉड्यूल से जुड़े लोग युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रहे थे। भर्ती किए गए कई युवाओं को संगठन के अंतिम उद्देश्य की पूरी जानकारी नहीं दी जाती थी। उन्हें स्थानीय और संवेदनशील मुद्दों के जरिए प्रभावित कर नेटवर्क से जोड़ा जा रहा था।
सूत्रों का कहना है कि कुछ मामलों में युवाओं को उकसाने के लिए विवादित घटनाओं और सामुदायिक मुद्दों का सहारा लिया गया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इन लोगों को प्रशिक्षण और हथियार उपलब्ध कराने में किन बाहरी नेटवर्कों की भूमिका थी।
छोटा शकील और मुन्ना झिंगड़ा का नाम भी जांच में
जांच के दौरान कुछ ऐसे नाम भी सामने आए हैं, जिनका अतीत में अंडरवर्ल्ड और संगठित अपराध से संबंध रहा है। सूत्रों के मुताबिक, छोटा शकील से जुड़े नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वहीं मुंबई के जोगेश्वरी निवासी मुन्ना झिंगड़ा उर्फ सैयद मुदस्सर हुसैन का नाम भी जांच में सामने आया है। एजेंसियां उसे कथित साजिश का एक महत्वपूर्ण कड़ी मानकर जांच कर रही हैं।
दिल्ली पुलिस ने समय रहते नाकाम की साजिश
अधिकारियों के अनुसार, स्पेशल सेल ने समय रहते कार्रवाई करते हुए पूरे मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया। जांच में यह आशंका जताई गई है कि यदि नेटवर्क सक्रिय रहता तो देश के विभिन्न हिस्सों में गंभीर सुरक्षा चुनौती पैदा हो सकती थी।
फिलहाल गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और अहम खुलासे हो सकते हैं।