लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने बिजली दरों और महंगाई को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली बिलों में बढ़ोतरी का बोझ जनता पर डाला जा रहा है और इसे आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
सोमवार को जारी अपने बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि जून माह से आने वाले बिजली बिल उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ा सकते हैं। उनका दावा है कि बिजली शुल्क में की जा रही बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली बिलों में अतिरिक्त भार जोड़कर जनता से अधिक वसूली की जा रही है।
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले महंगाई कम करने के कई वादे किए थे, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे आम नागरिकों का जीवन प्रभावित हुआ है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों का लाभ बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को मिल रहा है, जबकि आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बदलाव की जरूरत है और जनता आगामी चुनावों में इसका जवाब देगी।
पीडीए ऑडिट के दूसरे चरण की तैयारी
इस बीच समाजवादी पार्टी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए अपनी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति को और मजबूत करने में जुटी हुई है। पार्टी जल्द ही अपने "पीडीए ऑडिट" का दूसरा भाग जारी करने की तैयारी कर रही है।
अखिलेश यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा कर इसकी जानकारी दी। वीडियो में विभिन्न भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पीडीए ऑडिट का अगला भाग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक से जुड़े आंकड़ों और उससे प्रभावित युवाओं के मुद्दों पर केंद्रित होगा। सपा इसे युवाओं और छात्रों से जुड़े प्रमुख चुनावी मुद्दों में शामिल करने की रणनीति पर काम कर रही है।