होली का पर्व नजदीक है और इस दौरान देशभर में घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या हर साल बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने मार्च 2026 में 1,410 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। अगर यात्रियों की संख्या और बढ़ी तो यह संख्या 1,500 तक बढ़ाई जा सकती है।
पिछले वर्ष 2025 में रेलवे ने 1,144 स्पेशल ट्रेनें चलायी थीं। इस कदम से त्योहार के समय यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित होगी। स्पेशल ट्रेनों का संचालन न केवल भीड़-भाड़ को नियंत्रित करेगा बल्कि शहरों और ग्रामीण इलाकों के बीच कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा।
रेलवे जोनों के अनुसार इस बार स्पेशल ट्रेन परिचालन इस प्रकार रहेगा:
पूर्व मध्य रेलवे (East Central Railway – ECR)
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इस जोन में 285 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
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यह बिहार, झारखंड और आसपास के क्षेत्रों को कवर करता है।
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मुख्य उद्देश्य त्योहार के समय यात्रियों को भीड़ में सुगम यात्रा प्रदान करना है।
पश्चिम रेलवे (Western Railway – WR)
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पश्चिम रेलवे ने 231 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है।
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ट्रेनें मुख्य रूप से मुंबई और गुजरात से जुड़े मार्गों पर दौड़ेंगी।
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इससे यात्रियों को भीड़ से बचकर आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
मध्य रेलवे (Central Railway – CR)
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मध्य रेलवे इस बार 209 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।
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ये ट्रेनें मध्य भारत के प्रमुख शहरों और कस्बों को जोड़ेंगी।
दक्षिण मध्य रेलवे (South Central Railway – SCR)
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इस जोन में कुल 160 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी।
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ट्रेनें हैदराबाद, विजयवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों को सेवा देंगी।
उत्तर रेलवे (Northern Railway – NR)
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उत्तर रेलवे 108 स्पेशल ट्रेनें संचालित करेगा।
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ये ट्रेनें दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मार्गों पर यात्रियों की सुविधा के लिए होंगी।
उत्तर पश्चिम रेलवे (North Western Railway – NWR)
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उत्तर पश्चिम रेलवे 71 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।
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राजस्थान और आसपास के राज्यों में इन ट्रेनों से यात्रा सरल और सुरक्षित होगी।
इस वर्ष रेलवे का यह कदम त्योहार के समय यात्रियों के लिए भीड़ कम करना और यात्रा को सुविधाजनक बनाना दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।