शहर में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी के बीच अब कालाबाजारी के आरोप भी सामने आने लगे हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि कुछ लोग गैस की कमी का फायदा उठाकर भारी रकम लेकर तुरंत सिलेंडर उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। लोगों के अनुसार, दो घंटे के भीतर सिलेंडर दिलाने के नाम पर लगभग 2500 रुपये तक की मांग की जा रही है, जो सामान्य कीमत से कई गुना अधिक है।
पिछले कुछ दिनों से गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की वजह से कई इलाकों में लोगों को एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। कई बार घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर खत्म हो जाने से लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ऐसे में कुछ लोग मजबूरी में अधिक पैसे देकर सिलेंडर मंगाने की बात कर रहे हैं।
द्वारका क्षेत्र के कई निवासियों का कहना है कि कई दिनों से सिलेंडर की उपलब्धता अनिश्चित बनी हुई है। एजेंसी पर सुबह से लाइन लगानी पड़ती है और कई बार नंबर आने से पहले ही स्टॉक खत्म हो जाता है। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग जल्दी डिलीवरी का लालच देकर मोटी रकम मांग रहे हैं। हालांकि इतनी बड़ी राशि देना हर किसी के लिए संभव नहीं है।
शादी-ब्याह के आयोजनों पर भी असर
एलपीजी और कमर्शियल गैस की कमी का असर अब शादी और अन्य बड़े कार्यक्रमों पर भी दिखाई देने लगा है। कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण कई परिवारों को खाने के मेन्यू में कटौती करनी पड़ रही है। जहां पहले शादी समारोहों में 20 से 25 प्रकार के व्यंजन तैयार किए जाते थे, वहीं अब लोग खर्च और गैस की उपलब्धता को देखते हुए लगभग 30 से 40 प्रतिशत आइटम कम कर रहे हैं।
कैटरिंग संचालकों के मुताबिक, सिलेंडर समय पर न मिलने से भोजन तैयार करने में दिक्कत आती है। कई बार उन्हें वैकल्पिक ईंधन या अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे लागत भी बढ़ जाती है और व्यवसाय पर असर पड़ता है।
छोटे कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ीं
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर छोटे व्यवसायों पर भी पड़ रहा है। ढाबा, चाय और फास्टफूड की दुकानों के संचालकों का कहना है कि पिछले कई दिनों से उन्हें कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पाया है। दुकान बंद न करनी पड़े, इसलिए कई लोग अपने घरों से घरेलू सिलेंडर लाकर काम चला रहे हैं।
दुकानदारों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उनके कारोबार पर गंभीर असर पड़ सकता है। कई छोटे व्यापारियों को रोजाना आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। चाय विक्रेता रमेश यादव का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर न मिलने के कारण उन्हें घर से सिलेंडर लाकर दुकान चलानी पड़ रही है, जबकि फास्टफूड विक्रेता मनोज कुमार के अनुसार गैस की कमी से उनका कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है।