लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश में एलपीजी और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को गंभीर चुनौती दी है और यह शायद ही इतिहास में पहले कभी ऐसा समय रहा हो।

मंत्री ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों की रसोई में किसी भी प्रकार की गैस की कमी न आए। उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से 20 प्रतिशत समुद्री आवाजाही प्रभावित हुई है, जबकि 40 प्रतिशत तेल अब अन्य देशों से प्राप्त हो रहा है। इसके बावजूद भारत के पास पर्याप्त कच्चा तेल और गैस स्टॉक मौजूद है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने एलपीजी और सीएनजी की आपूर्ति पर भी भरोसा दिलाया और कहा कि कोई पैनिक की जरूरत नहीं है। “कुछ अफवाहों के कारण डिमांड बढ़ी है, लेकिन सप्लाई लगातार जारी है और एलएनजी के कार्गो रोज़ाना भारत पहुँच रहे हैं,” उन्होंने कहा।

हरदीप पुरी ने बताया कि देश में एलपीजी का उत्पादन पिछले समय की तुलना में 28 प्रतिशत बढ़ा है और भारत इस संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि देश अभी भी कनाडा, नार्वे और रूस से तेल आयात कर रहा है और गैस की कालाबाजारी को रोकने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

पेट्रोलियम मंत्री ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद हो गया है। यह मार्ग दुनिया के कई हिस्सों में तेल पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण है और इतिहास में पहली बार व्यावसायिक जहाजों के लिए इसका संचालन लगभग ठप जैसा रहा।

हरदीप पुरी ने कहा कि भारत इस संघर्ष का कारण नहीं है, लेकिन इसके प्रभाव से बचना भी आसान नहीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है, ताकि आम लोगों पर इसका असर न्यूनतम रहे।