नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक अहम कार्रवाई करते हुए कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में जब्त किए गए एक निजी विमान की नीलामी कर दी है। यह पहली बार है जब एजेंसी ने अवैध कमाई से खरीदे गए विमान को बेचकर उससे प्राप्त राशि निवेशकों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू की है।

ED के अनुसार, हॉकर 800ए मॉडल का यह विमान फाल्कान ग्रुप और कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े अमरदीप कुमार के नियंत्रण में था। उन पर पोंजी स्कीम के जरिए हजारों निवेशकों से करीब 792 करोड़ रुपये जुटाकर धोखाधड़ी करने का आरोप है।

जांच में सामने आया धन का स्रोत

एजेंसी ने हैदराबाद पुलिस में दर्ज धोखाधड़ी के मामलों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत जांच शुरू की थी। जांच के दौरान ऐसे सबूत मिले जिनसे संकेत मिला कि कथित तौर पर निवेशकों से जुटाए गए धन का इस्तेमाल विमान खरीदने में किया गया था। इसके बाद मार्च 2024 में विमान को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जब्त कर लिया गया।

कानूनी मंजूरी के बाद हुई नीलामी

जब्ती के कुछ महीनों बाद संबंधित प्राधिकरण ने ED की कार्रवाई को सही ठहराते हुए विमान को जब्त रखने की मंजूरी दी। बाद में एजेंसी ने विमान की नीलामी की अनुमति मांगी, जो स्वीकृत होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।

नीलामी का काम सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉरपोरेशन (MSTC) के माध्यम से कराया गया। हाल ही में पूरी हुई प्रक्रिया में विमान को लगभग 3 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।

निवेशकों को लौटाई जाएगी राशि

ED का कहना है कि नीलामी से प्राप्त धनराशि को पीड़ित निवेशकों के हित में उपयोग किया जाएगा। एजेंसी पहले ही इस मामले में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है और विशेष अदालत में सुनवाई जारी है।

अन्य संपत्तियों की भी तलाश

जांच एजेंसी अभी आरोपितों की अन्य संपत्तियों का पता लगाने और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त एवं नीलाम करने की कार्रवाई जारी रखे हुए है। अधिकारियों का मानना है कि इससे निवेशकों को उनकी रकम वापस दिलाने में मदद मिल सकती है।