पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (डीसीपी) शांतनु सिन्हा बिस्वास के आवास पर छापा मारा है। ईडी की टीम रविवार सुबह लगभग 7 बजे कोलकाता के बालीगंज स्थित फर्न रोड पर उनके घर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया।
सूत्रों के मुताबिक, शांतनु सिन्हा बिस्वास पहले कालीघाट पुलिस स्टेशन के प्रभारी रह चुके हैं, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
सोना पप्पू सिंडिकेट केस से जुड़ी जांच
यह पूरी कार्रवाई दक्षिण कोलकाता में सामने आए “सोना पप्पू सिंडिकेट” मामले से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें अवैध लेन-देन और मनी ट्रेल की जांच की जा रही है। ईडी ने इस मामले में तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
इनमें दो स्थान शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े हैं, जबकि एक ठिकाना कारोबारी जॉय कामदार का है।
कारोबारी जॉय कामदार के ठिकाने पर भी रेड
इसी जांच के तहत ईडी की टीम ने कोलकाता के बेहाला इलाके में कारोबारी जॉय कामदार के आवास पर भी तलाशी ली। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी उनके यहां नकदी मिलने की जानकारी सामने आई थी। जांच एजेंसी ने उन्हें पूछताछ के लिए दो बार समन भेजा था, लेकिन वे अब तक पेश नहीं हुए।
लगातार चल रही ईडी की कार्रवाई
यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब कोलकाता और आसपास के इलाकों में अवैध निर्माण और सिंडिकेट से जुड़े मामलों पर जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। इससे पहले भी ईडी ने पूर्व राज्य मंत्री पार्थ चटर्जी से जुड़े शिक्षक भर्ती घोटाले में कार्रवाई की थी। वहीं, आयकर विभाग ने भी हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े विधायक और उम्मीदवार देबाशीष कुमार के आवास पर छापा मारा था।
चुनावी पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इस बार बेहद अहम माना जा रहा है। 2021 में तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की थी, जबकि भाजपा 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनी थी।
इस बार भी मुकाबला बेहद कड़ा होने की उम्मीद है। कुल 294 सीटों वाली विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का है।
राज्य में सत्ताधारी टीएमसी चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने के लक्ष्य के साथ चुनावी मैदान में है।